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" रोयल भेल " चलिये ...आज, " दाल रोटी चावल " पे , चावल से बने कुरमुरोँ की बानगी बनायेँ !कुरमुरा बाज़ार से लेकर आयेँ उसे बडी छलनी मेँ साफ कर लेँ। फिर एक बडे पतीले मेँ, ३ चम्मच तेल डालकर , हल्की आँच पर गरम करिये फ...
बुंदेलखंड की यात्रा ओरछा बुंदेलखंड का दर्शनीय स्थल है। यहाँ के लाला की अपनी एक महान गाथा है। आन, बान, शान के लिए कैसे जिया जाता है, कैसे मरा जाता है कोई लाला हरदोल से सीखे। बुंदेलखंड के पानीदार पानी की एक नहीं अनेक कहा...
धोनी ने सचिन को और सचिन ने धोनी को पटखनी दी मैं सचिन को पसंद करता हू। मैं सचिन की इज्जत करता हू। लेकिन मैं धोनी का फैन हू। मिस्टर कूल कप्तान को मैं नही कई लोग पसंद करते हैं। उनकी इज्जत करते हैं और उनके फैन भी हैं। मजेदार वाकया हुआ है। मेरे दो अ...
मुन्ना की दादी आज सुबह से ही रो रहा है मुन्ना लगता है दादी की याद आ रही है बहुत खुश होता था मुन्ना जब गोधूलि बेला होते ही वह बुढ़िया दादी के सीने से जाकर दुबक जाता था आंचल को इकठ्ठा कर हाथ में कसकर दबा लेता था उसक...
शाकाहार बनाम मांसाहार: कैंसर के बर-अक्स खान-पान संबंधी पिछली पोस्ट पर एक टिप्पणी में स्वप्नदर्शी ने कहा- "मेरी जानकारी मे संतुलित आहार मे मांस का होना अच्छा है और मांस खाने का कैंसर से कोई सीधा सम्बन्ध नही है।" नीचे लिखे कुछ तथ्यों पर नजर ...
बॉक्स ऑफिस: १५.०५.२००८ भूतनाथ और जिम्मी में स्वाभाविक रूप से भूतनाथ को ज्यादा दर्शक मिले। हीरो-हीरोइन की रोमांटिक थ्रिलर या कामेडी जैसी फिल्म नहीं होने के बावजूद दर्शक उत्साह से भूतनाथ देखने आए। शायद अमिताभ बच्चन का आकर्षण ...
चार सौ बीस - एपिसोड 34 "क्या मतलब?" मुसीबतचंद के स्वर में विस्मय था. "मतलब ये कि मैं एक रेस्टोरेंट चलाता हूँ. एक दिन वो आया और बातों ही बातों में कहने लगा कि वो साउथ इंडिया से आया है और मेरे दोस्त वासुदेवन का संदेश लाया है....
भविष्य ... यह सूखे हुए चेहरे पड़े हुए उन पर निराशायों के घेरे हम से यह पूछते हैं क्या उन से बुरा हुआ है हम क्यों तरस न खाएं उन के लिए भे कोई बदली बरस तो जाए देखो नगन खड़ा है बच्चा सड़क पे किस का भूख के मारे हुए...
ICICI Bank को कर्ज वसूली के लिए सख्ती पर हिदायत कर्ज वसूली के लिए गुंडों के इस्तेमाल पर सुप्रीमकोर्ट ने वित्तीय संस्थानों व बैंकों से कहा है कि यह याद दिलाने की जरूरत नहीं है कि वे कानून से बंधे हैं। कर्ज वसूली या वाहन जब्ती सिर्फ कानूनी ढंग से ही ...
एक अचम्भा हमने देखा किसी एक की चार-पाँच मिलकर खूब कुटाई करें, दे घूँसे पे घूँसा, दे लात पे लात कि सामने वाला अधमरा हो कर गिर जाये, तुर्रा यह कि बावजूद अधमरा होकर गिरे रहने के भी यदा कदा धुनाई जारी ही रहे कि इतने में हीं ...
उचित मूल्य दुकानों के कामकाज पर लगातार निगाह रखने की जरूरत - डॉ. रमन सिंह रायपुर, 14 मई 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य दुकानों के कामकाज पर लगातार निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। डॉ. सिंह ने कहा ह...
दो जानों की क़ीमत, दो रुपए!? यह घटना किसी एक व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरी इंसानियत पर सवाल उठाती है कि क्या कोई इंसान इतना संवेदनहीन भी हो सकता है। उड़ीसा में एक बस कंडक्टर ने सिर्फ़ दो रुपए के लिए एक बाप-बेटी को चलती बस से धक्का द...
मूर्ख गुरु और अनपढ़ डॉक्टर!! ..... तौबा रे तौबा!! ...
अशोक कुमार आखिर हीरो कैसे बने कुमुदलाल कांजीलाल गांगुली बांबे स्टुडिओ के प्रयोगशाला सहायक (laboratory assistant) थे| उन ही दिनों में नज़ाम-उल-हुसैन बांबे टाकीज के हीरो हुआ करते थे और नायिका होती थीं देविकारानी जो कि बांबे टाकीज के...
बाबरी प्रपंच किया कुछ सिरफिरों ने रजनी को दिया नाम उषा किताबी फूलों से भर ली मंजूषा जिसमें कौओ ने कांव कांव कर पत्थर डाले असमंजस में पड़ा नादान इंसान डूबता रहा आस्थाओं में भंवर में फंसता रहा एक धरोहर खड़ी हु...
दो मुक्तक भाव की न तो गोदावरी ही बही, न बही नर्मदा न बही ताप्ती भावना लड़खड़ाती हुई रह गईचंद शंकाओं से थी घिरी काँपती रंग फ़ागुन के पतझरचुरा ले गया,जेठ ने लूट ली सावनी हर घटा और अनुभूतियाँ रह गईं मोड़ पर राह अभिव्य...
दो मुक्तक भाव की न तो गोदावरी ही बही, न बही नर्मदा न बही ताप्ती भावना लड़खड़ाती हुई रह गईचंद शंकाओं से थी घिरी काँपती रंग फ़ागुन के पतझरचुरा ले गया,जेठ ने लूट ली सावनी हर घटा और अनुभूतियाँ रह गईं मोड़ पर राह अभिव्य...
दो मुक्तक भाव की न तो गोदावरी ही बही, न बही नर्मदा न बही ताप्ती भावना लड़खड़ाती हुई रह गईचंद शंकाओं से थी घिरी काँपती रंग फ़ागुन के पतझरचुरा ले गया,जेठ ने लूट ली सावनी हर घटा और अनुभूतियाँ रह गईं मोड़ पर राह अभिव्य...
दो मुक्तक भाव की न तो गोदावरी ही बही, न बही नर्मदा न बही ताप्ती भावना लड़खड़ाती हुई रह गईचंद शंकाओं से थी घिरी काँपती रंग फ़ागुन के पतझरचुरा ले गया,जेठ ने लूट ली सावनी हर घटा और अनुभूतियाँ रह गईं मोड़ पर राह अभिव्य...
तम्बाकू किल्स समाचार बुलेटिन: १६ मई २००८: अंक ३८० तम्बाकू किल्स समाचार बुलेटिन १६ मई २००८ अंक ३८० भारत में सबसे अधिक शोषण झेल रहे हैं बीड़ी मजदूर बीड़ी उद्योग तो अपने ही मजदूरों तक पर रहम नही करता है. जो मजदूर बीड़ी बनाने में लगे हैं, वह भारत में मजदू...
अब भी संभलो चीन में आये भूकंप के बाद मन में उठते कुछ भाव. आशा है आप सहमत होंगे: अब भी संभलो यह धरती है जिसे रौंदती दुनिया बन के भीड़. सब सहती है चुप रहती है मौन उदासी सब कहती है पेड़ कटे आहत है छाती किन...
घोड़े को अब घोड़ी ही उतार सकती है जब आदमी केले के छिलके पर फिसल जाये तो फिर रुकने, ब्रेक लगाने का प्रयास कदापि नहीं करना चाहिये, क्योंकि इससे और अधिक चोट आयेगी। बस आराम से फिसलते रहना चाहिये और फिसलने का आनन्द लेना चाहिये। ...
नीयत-ए-शौक़ भर न जाय कहीं रचना: नासिर काज़मी स्वर: मुन्नी बेग़म नीयत-ए-शौक़ भर न जाय कहीं तू भी दिल से उतर न जाय कहीं आज देखा है तुझको देर के बाद आज का दिन गुज़र न जाय कहीं आरज़ू है कि तू यहाँ आये और फ़िर उम्र भर न जाय कहीं दिल जलात...
कामदेव संयत देह के भीतर कैसी धधक रही है ज्वाला आँच नियन्त्रण से बाहर हो कर ना दे मुंह काला मूरत देखी खजुराहो में आसक्ति की माया कत्थक हो या भरतनाट्यम वही भाव तो छाया अनुभूति हो अभिव्यक्त तो जीवन मीठी बानी दम...
आर्ट गैलरी लाखों बच्चे तरसें, दाने दाने को भूखे बच्चों की तस्वीरें लाखों की...
शिक्षक समस्यायों की जड़ नहीं ............... शिक्षक सब समस्यायों की जड़ नहीं वरन समस्यायों से घिरा हुआ है / फिर भी कई समस्यायों के हल् शिक्षक के पास हैं / शिक्षक अपनी भूमिका को अच्छी तरह निभा पाए , इसके ...
जुआ, सट्टा, अवैध शराब और वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने प्रभावी कदम उठाए रायपुर, 14 मई 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. read more »...
जुआ, सट्टा, अवैध शराब और वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने प्रभावी कदम उठाए रायपुर, 14 मई 2008 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिला दण्डाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में जुआ, सट्टा, अवैध शराब तथा वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए और भी अधिक प्रभावी कदम ...
...बस अब कुछ मत बोलो सुबह का वो शांत मौसम, वो परिंदों की आवाज, सूरज की खुशबू बिखेरती रौशनी और मैं... सूरज की पहली किरण दुआ दे आपको खिलते हुए फूल खुशबू दे आपको हम तो कुछ देने के काबिल नहीं देने वाला हर खुशी दे आपको...
कुछ आजमाए हुए धन बनाने के विचार कुछ लोगों के लिए ये तकनीक का बेजा इस्तेमाल हो सकता है, परंतु कुछ शातिरों के लिए धन बनाने की एक शानदार मशीन. पर, क्या ये धंधा चल निकलेगा? मेरे विचार में ये धंधा क्या ऐसे किसी भी धंधे के ज्यादा दि...
'मैं' केवल प्रेम से छूटता है एक चर्चा में आज उपस्थित था। उपस्थित था जरूर, पर मेरी उपस्थिति न के बराबर थी। भागीदार मैं नहीं था। केवल श्रोता था। जो सुना, वह साधारण था, पर जो देखा, वह निश्चय ही असाधारण था। प्रत्येक विचार पर वहां वा...
टीले का रहस्य आज आपको एक कहानी सुनाता हूं। कहानी न अतीत की है और न ही वर्तमान की। कहानी भविष्य की है। भविष्य की है, किंतु कोरी कल्पना नहीं। कल्पना कोरी कल्पना कभी होती भी नहीं है। प्रत्येक कल्पना किसी न किसी यथार्थ...
'खेलने दो न पापा' भारत में खेलना आसन नही है। ख़ास करके बच्चो के लिए। उसमे भी विडियो गेम?! माता-पिता के सामने विडियो गेम खेलने के लिए शेर का कलेजा चाहिये। "अरे नालायक! आँख ख़राब हो जाएगा ...अरे! कुछ पढ़ भी लिया कर...गेम ...
चोरों के यहां प्रेम हाल में इस खाकसार को एक रेडियो चैनल पर लवगुरु जैसा कुछ कार्यक्रम करने को मिला। तमाम तरह के सवालों पर एक्सपर्टों के जो जवाब आये, सो पेश हैं। सवाल-लवगुरु प्लीज बताओ आजकल मेरे पति का हिसाब किताब बदल गया...
पहला पन्ना कुछ दिनों से ब्लॉग के प्रति मेरा आकर्षण बढ़ गया है। मैंने अंग्रेजी में एक ब्लॉग शुरू किया है। (http://navinkumarverma.blogspot.com/) . २ - ३ दिनों से मैं ब्लॉग पढने और लिखने में व्यस्त हूँ। और सच कहू...
चाहत तू ही मेरा इश्क है, और इबादत है तू ही मेरे जीने की चाहत है इन होंठों की तू मुस्कराहट है मौत के सन्नाटे को चीरती हुई जिन्दगी से भरी एक आहट है तू तुझे भूल पाना है मुश्किल बहुत तुझे याद करने की आदत है मु...
याद जब सर्द ये रातें होती हैं, मेरा दिल तनहा हो जाता है तब नीर भरी मेरी आँखों से, एक अश्क की धारा बहती है सुनता जा ऐ जाने वाले, मेरी धड़कन फ़िर क्या कहती है साँसे यूं मेरी थम जाती हैं, जैसे दुनियाँ कहीं रु...
जाने kyon दूर जाओ न इस तरह , की पास आ न सकूं पास आओ न इस तरह , की दूर जा ना सकूं भूल जाओ न इस तरह , की याद आ न सकूं याद आओ न इस तरह , की भूला न सकूं रोज मिलो न इस तरह , की जुदा हो न सकूं और जुदा हो न इस तरह , क...
जयपुर बम विस्फोट पर केबिनेट की बैठक में शोक प्रस्ताव पारित ''राज्य सरकार प्रदेश की राजधानी जयपुर में कल शाम कई स्थानों पर हुई, बम विस्फोट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त करती है तथा हताहतों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करती ...
जयपुर बम विस्फोट पर केबिनेट की बैठक में शोक प्रस्ताव पारित ''राज्य सरकार प्रदेश की राजधानी जयपुर में कल शाम कई स्थानों पर हुई, बम विस्फोट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त करती है तथा हताहतों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए इस घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करती ...
नासमझ जो खामोश रहूँ मैं, तो इंकार ना समझना जो कह दूँ जुबान से , तो इकरार ना समझना है बारिश का पानी , ये आंसू नहीं है जो बहते यूँ देखो , तो प्यार ना समझना देख कर मेरी आंखों मैं , छाई उदासी मुझे दर्द-ऐ-दिल का...
अनन्यचेताः (Always aware) अनन्यचेताः सततं यो मां स्मरति नित्यशः। तस्याहं सुलभः पार्थ नित्ययुक्तस्य योगिनः॥८।१४॥ अयं श्रीमद्भगवद्गीतायाः अष्टमस्य अध्यायस्य चतुर्दशः श्लोकः अस्ति। कस्मिन्श्चितेन कारणेन यदा अहं अस्य अध्यायस्य अनु...
यह अंधेरे की सड़क उस भोर तक जाती तो है इस नदी की धार में ठंडी हवा आती तो है, नाव जर्जर ही सही, लहरों से टकराती तो है। एक चिनगारी कही से ढूँढ लाओ दोस्तों, इस दिए में तेल से भीगी हुई बाती तो है। एक खंडहर के हृदय-सी, एक जंगली फूल-सी, आदमी क...
आजकल आजकल सोता कम और ज्यादा जागता हूँ मैं यह सच नहीं है कि सपनों से दूर भागता हूँ मैं कभी इधर तो कभी उधर कभी यहाँ तो कभी वहाँ दिन भर तो सपनों के आगे पीछे भागता हूँ मैं यह सच नहीं है कि सपनों से दूर भागता ...
एक बन्दर मेरे बगीचे के अन्दर आज दोपहर हम खाना खाने बैठने ही वाले थे कि भीम भाई ने आकर बताया कि एक बन्दर बगीचे के अन्दर आया है। भगाना नहीं, कहकर मैं व बिटिया कैमरा लेकर बाहर भागे। पति को भी मैंने कह दिया कि साथ बाहर आ जाएँ क्योंकि...
दुष्यंत कुमार की अनमोल नज्मे यहाँ दरख़्तों के साये में धूप लगती है चलो यहाँ से चले और उम्र भर के लिये... ... कौन कहेगा हुकूमत से, कौन समझेगा एक चिडिया इन धमाकों से सिहरती है ... ... वो मुतमइन हैं कि पत्थर पिघल नहीं सकता मैं बेक़र...
मत कहो, आकाश में कुहरा घना है मत कहो, आकाश में कुहरा घना है, यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है । सूर्य हमने भी नहीं देखा सुबह से, क्या करोगे, सूर्य का क्या देखना है । इस सड़क पर इस क़दर कीचड़ बिछी है, हर किसी का पाँव घुटनों तक सना ...
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी, शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए। हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में, हाथ...
आज सड़कों पर आज सड़कों पर लिखे हैं सैकड़ों नारे न देख, घ्रर अंधेरा देख तू आकाश के तारे न देख। एक दरिया है यहां पर दूर तक फैला हुआ, आज अपने बाज़ुओं को देख पतवारें न देख। अब यकीनन ठोस है धरती हकीकत की तरह, यह हक़ी...
गांधीजी के जन्मदिन पर मैं फिर जनम लूंगा फिर मैं इसी जगह आउंगा उचटती निगाहों की भीड़ में अभावों के बीच लोगों की क्षत-विक्षत पीठ सहलाऊँगा लँगड़ाकर चलते हुए पावों को कंधा दूँगा गिरी हुई पद-मर्दित पराजित विवशता को बाँहों में...
यहाँ दरख़्तों के साये में धूप लगती है कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिये कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिये यहाँ दरख़्तों के साये में धूप लगती है चलो यहाँ से चले और उम्र भर के लिये न हो क़मीज़ तो घुटनों से पेट ढक लेंगे ये लोग कितने ...
चांदनी छत पे चल रही होगी चांदनी छत पे चल रही होगी अब अकेली टहल रही होगी फिर मेरा ज़िक्र आ गया होगा वो बर्फ़-सी पिघल रही होगी कल का सपना बहुत सुहाना था ये उदासी न कल रही होगी सोचता हूँ कि बंद कमरे में एक शम-सी जल रही होगी ते...
भूख है तो सब्र कर भूख है तो सब्र कर रोटी नहीं तो क्या हुआ आजकल दिल्ली में है ज़ेर-ए-बहस ये मुदद्आ| मौत ने तो धर दबोचा एक चीते कि तरह ज़िंदगी ने जब छुआ फ़ासला रखकर छुआ| गिड़गिड़ाने का यहां कोई असर होता नही पेट भरकर ...
सुनील भाईजी
प्रेम भैया....ट्रेनिंग में सुनील भाईजी प्रेम भैया....ट्रेनिंग में ...
बेजी की दुनिया में बदलाव...[बकलमखुद-36] ब्लाग दुनिया में एक खास बात पर मैने गौर किया है। ज्यादातर ब्लागरों ने अपने प्रोफाइल पेज पर खुद के बारे में बहुत संक्षिप्त सी जानकारी दे रखी है। इसे देखते हुए मैं सफर पर एक पहल कर रहा हूं। शब्दों के स...
रिसते रिश्ते हम तुम जब अलग थे एक दूसरे के प्रति सजग थे मेरा फ़क्कड़पन तुम्हे रास आता था तुम्हारा अल्हड़पन मुझे भा जाता था हम तुम जब अलग थे एक दूसरे से 'अलग' थे बाहर के अंतर के बावजूद अंदर के 'अंतर' से आकर्षित थे ह...
आंगन में बाजार गायब फुटपाथ इस बार गांव गया तो देखा वहां से निकल रहे हाइवे से फुटपाथ ही गायब है। पहले यह सड़क कम चाै़डी थी, अब अधिक चाै़डी हो गई है। जब कम चाै़डी थी तो उसके किनारों पर इंर्ट के खडंजे लगे थे। उसके बाद पैदल चलने वा...
वैश्वीकरण और भाषायी संतुलन : ओम विकास वैश्वीकरण और भाषायी संतुलन - ओम विकास - भौतिक और आध्यात्मिक विकास का असं...
ख्वाब (1) रात के नीरव अन्धेरों में, कई ख्वाब आते हैं, चले जाते हैं। छोड़ कर अंतर्मन में एक अजीब सा रिक्त स्थान, फिर नहीं आती नींद भी उनींदी आंखों मे। रहता है इंतज़ार, कि हो सकता है आ जाए फिर कोई ख्वाब नया। ...
हिमाचल प्रदेश के लिए आपदा राहत निधि के लिए 201 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता स्वीकृत
पुरानी प्रविष्टियां
हिमाचल प्रदेश को आपदा राहत निधि के तहत केन्द्र सरकार से लम्बी अवधि उपाय के रूप में 201 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता स्वीकृत की गई है ताकि प्रदेश में गत वर्ष बाढ़ के कारण हुई क्षति की भरपाई...
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HindiBlogs.Com : एक परिचयभाषा राष्ट्र की वह शक्ति है, जिसके माध्यम से वह आंतरिक संवाद क़ायम करता है। व्यक्ति राष्ट्र की इकाई है और ब्लॉग व्यक्ति की आवाज़ है। इन दोनों का समन्वय ही हिन्दी ब्लॉग जगत् है। “हिन्दीब्लॉग्स डॉट कॉम” इसी हिन्दी ब्लॉग जगत् को समर्पित है। यहाँ पर आप हिन्दी चिट्ठा संसार में हो रही नवीन हलचलों का अनुभव कर सकते हैं और हिन्दी के ब्लॉग्स की नयी प्रविष्टियों को यहाँ पढ़ सकते हैं।HindiBlogs.com को अपने चिट्ठे से जोड़ेंदिया हुआ एचटीएमएल कोड अपने चिट्ठे पर लगाएँ -यह आपके चिट्ठे पर इस प्रकार दिखेगा -
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