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बचपन-शेर
*बुन्दो से बना हुआ छोटा सा समन्दर .लहरो से भीगती छोटी सी बस्ती .चल डुन्डे बारिश मे बचपन का साहिल .हाथ मे लेकर कागज की कश्ती. ...
राकेश जैन--राजदर्शन द्वारा Sun May 11 16:20:25 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
कहीं आप भी एजेंट तो नहीं...
पुराने दिनों को लोगबाग याद करते हैं तो क्या बुरा करते हैं. हर गुजरा हुआ पुराना दिन मीठी याद लिए हुए होता है और वो शर्तिया वर्तमान और आने वाले दिनों से ज्यादा अच्छा होता है. अब, बीमा के मामलों को ही ...
Raviratlami द्वारा Sun May 11 16:12:01 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
स्वाधार चैतन्य ही समाधि है
'ईश्वर है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'आत्मा है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'मृत्यु के बाद जीवन है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'जीवन में कोई अर्थ है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'हमें ज्ञात नहीं' यह आज का पूरा जीवन-दर्शन है। इन तीनो...
राजेंद्र त्‍यागी द्वारा Sun May 11 16:00:01 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
नर्गिस बनाम बुश
मसला विकट सीरियस है। यूं इस मसले पर आपत्ति संजय दत्तजी को करनी चाहिए थी। पर उनकी मान्यता यह है कि खुद को चिरकुटई के इतने कामों में उलझा लो कि जेल जाने की नौबत आ जाये, फिर जेल से रिलीफ मिलने को ही एक [...
alok द्वारा Sun May 11 15:47:50 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को भूली सरकार
विदेशियों के शासन के खिलाफ 1857 में शुरू हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को 150 साल खामोशी के साथ पूरे हो गए। 1857 में भड़की आजादी की पहली लड़ाई के 150 वें वर्ष की शुरूआत में तो कई कार्यक्रमों का आयोजन हु...
बलबिन्दर द्वारा Sun May 11 15:33:00 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
पानी की एक बूँद !
    चिलचिलाती धूप   दूर तलक झिलमिलाते   सूखे पेड़   और फैली वीरानियां    सूखे तिनके भी   तड़प उठते हैं   कड़कते ...
Manish द्वारा Sun May 11 15:29:51 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मिठास का कानून
संस्कृत के खण्डः शब्द की बड़ी व्यापक पहुंच है। इससे मिलती जुलती ध्वनियों वाले कई शब्द द्रविड़ , भारत-ईरानी , सेमेटिक और यूरोपीय भाषाओं में मिलते हैं। क ख ग वर्णक्रम में आनेवाले ऐसे कई शब्द इन तमाम भाष...
अजित वडनेरकर द्वारा Sun May 11 14:45:34 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
आप के दिल में खुशी के, रंग भरना चाहता हूँ.
आप के दिल में खुशी के, रंग भरना चाहता हूँ ॥ ज़िंदगी भर आपके मैं, संग रहना चाहता हूँ॥ आकाश में हम कर सकें, मस्ती भरी अठखेलियाँ , पंख बनकर आपके मैं, साथ उड़ना चाहता हूँ॥ निर्मल,अनूठे प्रेम का, रिश्त...
Dr. Vijay Tiwari "Kislay" द्वारा Sun May 11 14:04:54 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
हिंदुस्तान
हिंदुस्तान...
devendra sahu द्वारा Sun May 11 13:38:30 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
हैंडल द चिल्ड्रन विद `टीपी´ एंड `बीके´
`बचपन के दिन भी क्या दिन थे...´, `बचपन हर गम से बेगाना होता है...´, `नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए...´ `लकड़ी की काठी, काठी का घोड़ा, घोडे़ की दुम पर जो मारा हथौड़ा...´ सरीखे गीत वयस्कों ही नहीं, बड़े...
manglam द्वारा Sun May 11 13:00:50 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
माँ संवेदना है भावना है अहसास है माँ जीवन
माँ संवेदना है भावना है अहसास है माँ जीवन के फूलों मे खुशबू का वास है ...
devendra sahu द्वारा Sun May 11 12:54:32 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
सितारा माओं का सीक्रेट अजेंडा
माताओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर मदर टेरेसा या उन तमाम माताओं पर लिखना चाहिए जो अपने खून-पसीने से बच्चों को पालती हैं और उन माताओं को सलाम करना चाहिए जो दूसरों के बच्चों पर प्यार निछावर करती हैं, क्यों...
devendra sahu द्वारा Sun May 11 12:51:11 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
एक टुकडा फिर सुनहरा हो जाए
रोज़ एक दिन गुज़रता है, मेरे सामने से, शीशे के टुकड़े के मानिंद, सालों मैंने कोशिशे की हैं, इनको खुरचने की, निशानियाँ दी हैं, अपने ज़ख्मों की... मुझे लहू-लुहान करते रहे हैं, जब तब मुझे.... एक टुकडा स...
Gaurav द्वारा Sun May 11 12:34:46 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
डिस्टलरी की बदबू और कडवी प्रार्थना का दौर रायपुर मे
आज रात दस बजे पहली बार डिस्टलरी की बदबू पूरे शहर मे फैली और फिर अब रात एक बजे एक बार फिर सेप्टिंक टैंक जैसी बदबू फैलने लगी है। कूलरो और दूसरे माध्यम से यह घरो के अन्दर तक पहुँच तो जाती है पर फिर निकलत...
पंकज अवधिया Pankaj Oudhia द्वारा Sun May 11 12:32:43 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
हैप्पी मदर्स डे
अमेरिका मे आज मातृ दिन है । आप सबको बहुत शुभ कामनाएं । माँ होने के दो महत्वपूर्ण पहलू होते हैं । पहला है बिना शर्त असीम प्यार और दूसरा बच्चे की जरूरतें समझ कर उन्हें पूरा करना और इसके लिये कुछ भी कर ग...
Mrs. Asha Joglekar द्वारा Sun May 11 12:31:27 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
वांगी भात
अक्सर विवाह समारोहों में यह व्यंजन बनाया जाता है और खूब चाव से खाया जाता है । घर में भी आप इसे काफी आसानी से बना सकते हैं । पर सुनने के लिये तैयार रहिये कि शादी वाले वांगी-भात का मजा नही आया । नही नही...
Mrs. Asha Joglekar द्वारा Sun May 11 12:09:54 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
विश्वास
जब भी तूफान आता है वह पेड़ सिहर उठता है उसे मालूम है कि उसकी जड़ें कितनी अंदर हैं... बरगद नहीं गुजरा कभी ऐसे डर से क्योंकि टहनियों से भी जड़े उसने टाँगी है.. ... ऐसा भी तूफान है जब बरगद भी उखड़ जाता...
Beji द्वारा Sun May 11 12:07:53 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
इस फोटो के बारे में आपकी क्या राय है?
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सुशील राघव द्वारा Sun May 11 12:07:15 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मिलिंद खांडेकर के पिता का निधन
इस समय स्टार न्यूज से और उससे पहले आज तक और महानगर और नवभारत टाइम्स से जुडे मिलिंद दक्षिण दिल्ली के सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया में रहते हैं। उनके माता-पिता इंदौर से दो दिन पहले ही आए थे। वो इंदौर में मिल...
दिलीप मंडल द्वारा Sun May 11 11:47:01 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
हमारा रेफ्रीजिरेटर चोर है!
श्रीमती जी को सोने की लत है। रात के ९ बजे नहीं कि वह गड़प! अपन ठहरे निशाचर! रात-रात कम्प्यूटर पर बैठे रहेंगे या कोई किताब पढ़ते रहेंगे. लेकिन बात किताब book या निशाचरी की नहीं है। बात है रेफ्रीजिरेट...
विजयशंकर चतुर्वेदी द्वारा Sun May 11 11:19:09 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
एक पव्वा रम तो है, हरगाम हमन अफ़ोर्ड
एक पव्वा रम तो है, हरगाम हमन अफ़ोर्ड पैसे की काहे फिर तुमन दिखलाओ हो तड़ी...
Ashok Pande द्वारा Sun May 11 11:16:34 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मौन और संगीत
क्या होता संगीत मौन में पूछ रहे क्या कोलाहल से। समय ने जो भी घाव दिए हैं कहां धुले हैं वो दृगजल से। अपने मन में हमने हरदम बैर-भाव ही तो पाले हैं। फूट रहे हैं जो इस जग में वो अपने ही तो छाले हैं। देख...
विकास परिहार द्वारा Sun May 11 11:11:14 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
दिल्ली की उदास सी शाम को...........
ये आलम के साँस लेने की फुरसत नही किसी को, सब अपने बन कर पराये होते, और फिर से कोई अपना तलाशते....... जिनकी हथेलियों में लकीरें न रहीं, बस चंद टुकड़े हरे कागज़ के, और थोड़े से सिक्के, यूँ भागते के ज़लज़ल...
Gaurav द्वारा Sun May 11 11:02:00 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
वृद्धों की सेवा में परमानंद
वृद्ध स्वयं भी हैं, औरों के लिये तन-मन-धन से संलग्न हैं वे। ऐसे लोग मिलते कहां हैं जो दूसरों के लिये जीते हों। लेकिन पेशे से चिकित्सक डा. रमाशंकर आज से नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से चिकित्सा समाज सेवा...
harminder singh द्वारा Sun May 11 10:59:34 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगर
मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगर लड़कियां हंसती रहीं और चूतिया कटता गया (आशुतोष उपाध्याय को नैनीताल की खचुवाई हुई स्मृतियों के साथ सादर)...
Ashok Pande द्वारा Sun May 11 10:52:45 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
कहानी-२
एक मिनट यार ! रूप सिंह चन्देल “चमन...” आवाज़ गैलरी को लाँघती, दरवाजे को फलाँगती चमन के कानों से टकराई तो मफ़लर से ढंके उसके कान चौकन्ना हो उठे।‘आहूजा आज फिर डांटेगा...कुछ भी नहीं सुनेगा।’ मेज पर तेजी ...
Roop Singh Chandel द्वारा Sun May 11 10:37:42 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
नारद और चिट्ठा जगत के मित्रों,जरा ब्लोगवाणी को चेक करें
आज अनिल रघुराज की एक पोस्ट ^एक हिंदुस्तानी की डायरी में^ पर मैंने एक कमेंट लगाई। यह कमेंट दूसरे नंबर पर लगायी थी। अभी शाम को मैं जब ब्लागवाणी चेक कर रहा था तो अनिल रधुराज जी की पोस्ट पर चार कमेंट चमक...
दीपक भारतदीप द्वारा Sun May 11 10:35:09 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
नारद और चिट्ठजगत वालों ज़रा ब्लोगवाणी चेक करें,
आज अनिल रघुराज की एक पोस्ट ^एक हिंदुस्तानी की डायरी में^ अनिल रघुराज पर मैंने एक कमेंट लगाई। यह कमेंट दूसरे नंबर पर लगायी थी। अभी शाम को मैं जब ब्लागवाणी चेक कर रहा था तो अनिल रधुराज जी की पोस्ट पर चा...
दीपक भारतदीप द्वारा Sun May 11 10:25:44 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
क्या हो हमारा कर्तव्य ?
हम सभी स्त्रियां समूचे नारी वर्ग की चिन्ता में घुली जा रही हैं. जिसे देखो, जहां देखो, एक ही डिस्कशन,नारी जाति का उत्थान कैसे हो? नारी उत्पीडन कैसे बन्द हो? समाज में नारी को बराबरी का हक कैसे दिलाया जा...
Ila's world, in and out द्वारा Sun May 11 10:19:13 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
१९ अप्रैल के बाद
आज बहुत दिनों बाद लिख रहा हूँ । जाने क्यों ऐसा लगता है कि कहीं खो न जाऊ। अब मैं एक भीड़ मे आ गया जहाँ मुझे ख़ुद से संघर्ष ज्यादा करना पड़ रहा है। आपने वे ही अब प्रश्न बन के सामने आ खड़े हो रहे हैं । ...
पनिहारन द्वारा Sun May 11 10:18:31 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
बिकती जिनदगी
किस तरह बदलाव आया है मेरे संसार मेकल जिन््दगी अनमोल थी अब बिक रही बजार मे औरकौन कहता है यहाँ इन््सानियत बिकती नही हर चीज बिकती है यहाँ और आदमी खरीदार  हैऔरबस मे हो इन््सान के तो चाँद तारे बेच  दे यदि ...
shikhar द्वारा Sun May 11 10:17:17 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
क्या बात है इनकी.............................!!!
सेना में करियर बनाइये, दुनिया भर की सैर कीजिये, तरह-तरह के दिलचस्प लोगों से मुलाकात कीजिये, और उन्हें जान से मार डालिए। ------(भाड़े के सैनिकों की भर्ती का एक विज्ञापन) ज्यादातर आदमियों को खुशियाँ क्य...
विचार द्वारा Sun May 11 10:06:41 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
गगरी न फूटे-चाहे खसम मर जए, बुंदेलखंड में पानी के लिए कोहराम
हरिशचंद्र महोबा, मार्च। पानी के लिए समूचे बुंदेलखंड में कोहराम मच गया है। आदमी तो आदमी जनवर भी पानी के लिए संघर्ष पर उतर आए हैं। कुछ दिन पहले ही बंदरों ने धाव बोलकर एक घर में पानी लूट लिया। ये बंदर तब...
Water Community द्वारा Sun May 11 10:04:28 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
एक भैया ने मेरी इज्जत की रक्षा की किसी मराठी ने नहीं। मैं भी ठाकरे हूं लेकिन ठाकरे परिवार को वोट नहीं दूंगी।
आमतौर पर व्यक्तिगत तौर पर मैं अपना यात्रा वृतांत नहीं लिखता लेकिन इस बार लिखने को मजबूर हूं। छोटा सा हीं सही पर लिख रहा हूं क्योंकि करोड़ो आबादी से जुड़ा मसला है। मैं शनिवार को तपोवन एक्सप्रेस से नाश...
राजेश कुमार द्वारा Sun May 11 10:02:01 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
कौवा की आएगी बारात...पर ज़रा देर लगेगी यार
एक हमारे कौवा दोस्त हैं.....दरअसल नाम तो कुछ और है..लेकिन उन्हें हम लोग कौवा कहते हैं...कौवा इसलिए क्योंकि उनका रंग काला है....वैसे मैं कहीं से भी उनके नाम के साथ हुए इस षडयंत्र का हिस्सा नहीं हूं......
archana rajhans द्वारा Sun May 11 10:01:32 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
खेतों में जहर की फसल - चंद्रमोहन कल्ला
जोधपुर. सेहत मंद होने के लिए आजकल लोग जो सब्जियां खा रहे हैं, उनका उत्पादन नीम हकीमी नुस्खों से होने लगा है। कम समय में अधिक पैदावार से मुनाफा कमाने के लिए किसानों में फैले संक्रमण से यह मर्ज लाइलाज ह...
Minakshi द्वारा Sun May 11 09:55:31 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मोर अंधे, हरिणों को गश
महावीर सिंह चौहान बीकानेर. पेट की भूख बुझाने के लिए खेतों में खाना तलाशते निरीह वन्य जीव या तो अंधे हो रहे है या फिर गश खाकर गिर रहे हैं। इसका मुख्य कारण खेतों में पैदावार बढ़ाने और फसलों की सुरक्षा क...
Minakshi द्वारा Sun May 11 09:50:42 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
कश्मीर में मुठभेड़ ख़त्म, आठ की मौत
Good News! भारत प्रशासित कश्मीर के सांबा इलाक़े में सेना के साथ मुठभेड़ मे दो चरमपंथियों समेत आठ लोग मारे गए है. मुठभेड़ में 11 लोग घायल भी हुए हैं. मारे गए लोगों में सेना के दो जवान भी शामिल हैं. डीआ...
राव गुमानसिंघ 'गमसा' द्वारा Sun May 11 09:45:24 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
बूंद बूंद पानी को तरसता बुंदेलखंड, किसानों पर पानी चोरी का मुकदमा
अंबरीश कुमार महोबा। चंदेलों की इस प्राचीन राजधानी महोबा में पानी के लिए जगह-जगह जंग शुरू हो गई है। दो दिन पहले बेला बाजर में पानी विवाद में एक दलित महिला को नंगा कर घुमाया गया। रविवार को पानी को कलेक्...
Water Community द्वारा Sun May 11 09:39:58 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
प्यार का मौसम
प्यार का मौसम....कितनी जल्दी बदल गया अभी तो बादल छाया था....अभी बरस कर चला गया। मौसम सा यूं.......कैसे रिश्ता बदल गया पलभर में बिजली चमकी...और आसमां खुल भी गया। एक रंग ही....रात का आलम बदल गया ज...
betaal द्वारा Sun May 11 09:21:45 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
राजा और किले का किस्सा - शिरीष कुमार मौर्य
यह कविता 14 मई 1994 की रात लगभग बौखलाहट में लिखी, जब समाचार में सुना कि उमेश डोभाल के हत्यारे को सी0बी0आई0 की विशेष अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया है। इस कविता के कुछ पोस्टर भी बने और उत्तराखंड के कुछ श...
शिरीष कुमार मौर्य द्वारा Sun May 11 09:05:47 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
क्या यही खबर है..............................
ख़बर और ख़बरों की दुनिया, बड़ी निराली है, अद्भुत है, क्यूंकि ख़बरनवीस बड़े ताकतवर होते हैं इनका कोई कुछ नही बिगार सकता है क्योँकी ये पुलिस ,प्रशाशन और सत्ता के बड़े करीबी होते हैं। मगर क्या सचमुच में...
रजनीश के झा द्वारा Sun May 11 08:54:06 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
हेमराज जैन
हेमराज जैन...
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' द्वारा Sun May 11 08:48:10 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
ग़ज़ल
नीरज गोस्वामी इंसानियत के वाक़ये दुशवार हो गये ज़ज्बात ही दिल से जुदा सरकार हो गए कब तक रखेंगे हम भला इनको सहेज कर रिश्ते हमारे शाम का अखबार हो गये...
डा. फीरोज़ अहमद द्वारा Sun May 11 08:34:26 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
ग़ज़ल
प्राण शर्मा नफरत की हर गली से निकलने की बात कर तू प्यार वाली राह पे चलने की बात कर माना की हर तरफ ही अँधेरी है ज़ोर की उसका न कर ख़याल संभलने की बात कर ...
डा. फीरोज़ अहमद द्वारा Sun May 11 08:28:15 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
माया महा ठगनी जग जानी
अरे भाई मिलेगी से तो काम चलेगा नही जब रोटी पेट मे पहुचेगी तब ही तो तृप्त होगे वैसे तो आजकल हर कोई लम्बी चौड़ी बाते कर देते है हमारे देश मे प्रजा तंत्र जो है बातो मे कुछ खर्च तो होता नही और पापुलर ही ह...
ATULGAUR (ASHUTOSH द्वारा Sun May 11 08:14:02 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
एक मुलाक़ात
एक कार्यक्रम के सिलसिले में मुझे उषा राय से मुलाक़ात करने का मौका मिला। जी हाँ वही उषा राय जिनका नाम उन महिला पत्रकारों में शामिल है जिन लोगों ने साठ के दशक में पत्रकारिता में महिलाओं को एक मुक़म्मल ...
प्रियम्बरा द्वारा Sun May 11 08:10:39 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
हम मदर्स डे को मां दिवस क्यों नहीं कह पाते
बात वहीं से शुरू करते हैं जहां सुबह छोड़ी थी। बदलाव एक दोधारी तलवार है। चाहे हमारा अपना जीवन हो, हमारा समाज हो या फिर हमारा देश, हम हमेशा बदलावों को लेकर आशंकित होते हैं, असुरक्षित महसूस करते हैं। रत्...
भुवन भास्कर द्वारा Sun May 11 08:02:23 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
दर्द हिन्दुस्तानी को Pain हिन्दुस्तानी बनाया
आपने सही पढा अब गूगल बाबा हिन्दी से अंग्रेजी अनुवाद जो करने लगे है। गाजर घास और भ्रष्टाचार नामक मेरी हिन्दी कविता का अंग्रेजी शीर्षक दिया गया है Grass and Carrots corruption. इसी मे नीचे दर्द हिन्दुस्...
पंकज अवधिया Pankaj Oudhia द्वारा Sun May 11 07:35:22 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मदर्स डे पर, मां ने 4 साल के बेटे को चौथी मंजिल से फेंका
सुना है कि आज माँ का दिन है, याने कि मदर्स डे! इसी की पूर्व संध्या पर दिल को हिला देने वाली एक घटना में 4 साल के एक बच्चे की मौत उस समय हो गई जब कथित तौर पर उसकी मां ने यहां सैंट्रल मुंबई की एक बिल्ड...
बलबिन्दर द्वारा Sun May 11 07:20:07 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
चार धाम (रामेश्वरम्)
रामेश्वरम् हिंदुओं का पवित्र तीर्थ है। रामेश्वरम् चेन्नैइ से कोई सवा चार सौ मील दक्षिण-पूरब में है। रामेश्वरम् एक सुन्दर टापू है। हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी इसको चारों ओर से घेरे हुए है। इस हरे-भर...
sahebali द्वारा Sun May 11 07:18:04 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
शादी से पहले और शादी के बाद
शादी से पहले..... पतिः देर किस बात की है। पत्नीः क्या तुम चाहते हो मैं चली जाऊँ? पतिः नहीं, ऐसा तो मैं सोच भी नहीं सकता। पत्नीः क्या तुम मुझे प्यार करते हो? पतिः अवश्य! एक नहीं अनेकों बार!! पत्न...
जुड़िये गँठजोड़ मित्र समुदाय से! (gathjod.com द्वारा Sun May 11 07:17:02 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
प्रियदर्शनजी, आपने मूल मर्ज़ का ज़‍िक्र तो किया ही नहीं!
प्रियदर्शनजी, क्षेपक ...रही बात साहित्य और ब्लोगिंग की, तो यह पुराना झगड़ा है। एसपी सिंह के ज़माने से भी बहुत पहले आचार्य द्विवेदी के ज़माने में पत्रकारिता और साहित्यकारिता की बहसें चला करती थीं और आच...
विजयशंकर चतुर्वेदी द्वारा Sun May 11 07:08:49 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
चलता चल तो राह मिलेगी !
कौन हुआ है दर्द का सम्बल, कौन हुआ है तेरा अपना, सब सहलायें छाले अपने, गौण हुई दूजे की पीड़ा । रोना है तो खोना है सब, दर्द तुझी को होना है सब, ग़म को पी ले मान के अमृत, ठौर है इसका और कहाँ । नहीं राह पर ...
©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah द्वारा Sun May 11 07:05:05 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
गर्भाशय भ्रंश(Prolepse of Uterus)बताया गया है, मैं सर्जरी नहीं चाहती...
डा.साहब नमस्ते मुझे टैस्ट करने के बाद गर्भाशय भ्रंश यानि Prolepse of Uterus बताया गया है और कहा गया है कि इस बीमारी का सर्जरी के अलावा कोई उपचार नहीं है। मुझे सर्जरी कराने में डर लग रहा है और साथ ही य...
डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava द्वारा Sun May 11 06:59:03 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मैं, माँ और मुनव्वर
मैने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू,मां ने मुद्दतों नहीं धोया दुपट्टा अपना।- मुनव्वर राणा दरअसल "माँ" पर लिखने को मैने कई बार सोचा। कई बार कलम उठाई। कई कागज खराब किए। मन-मस्तिष्क में उठ रहीं असंख्य ...
Abhinav Raj द्वारा Sun May 11 06:55:48 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
असली समाचार की दुनिया
ज़ी समाचार चैनल पर श्री सुभाष चंद्र का यह वक्तव्य कि 'ज़ी समाचार' असली समाचार की दुनिया में लौटेगा;भारतीय इलेक्ट्रोनिक समाचार जगत में सुखद बदलाव का संकेत माना जा सकता है । इस वक्तव्य को सुनकर मुझे अपने ...
Rakesh Dhoundiyal द्वारा Sun May 11 06:51:50 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
मां तुझे प्रणाम
मां शब्द सुनते ही ऐसा कोई व्यक्ति नही होगा जो खुश न होता होगा। मां जिसने हमें पाल-पोष कर बड़ा किया। ख़ुद कम खाया पर हमारी खुराक में कमी नहीं आने दी। मां शब्द हिन्दी शब्द संसार में सबसे छोटा शब्द है...
Prashant Verma द्वारा Sun May 11 06:45:17 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
‘कुंवारे पति’ को नौकरी दिए जाने का आदेश
दिल्ली उच्च न्यायालय ने Border Security Force (बीएसएफ) की सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बावजूद, कभी ‘अविवाहित जोड़े’ के रूप में एक लड़की के साथ रहने के कारण नौकरी देने से वंचित कर दिए गए एक युवक की याच...
लोकेश द्वारा Sun May 11 06:45:01 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
माँ तुम्हारा खत
(यह रचना छात्रावास के दिनों में मैंने लिखी थी और आज भी पढता हूँ तो हर शब्द सामयिक पाता हूँ। तस्वीर मेरी पूजनीय माताजी की है अपनी पोती के साथ...) माँ अब तुम्हारा खत मुझे वो उष्मा नहीं देता जब पहले पह...
राजीव रंजन प्रसाद द्वारा Sun May 11 06:43:06 PDT 2008 पर प्रेषितस्रोत: aaaa
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