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बचपन-शेर *बुन्दो से बना हुआ छोटा सा समन्दर .लहरो से भीगती छोटी सी बस्ती .चल डुन्डे बारिश मे बचपन का साहिल .हाथ मे लेकर कागज की कश्ती. ...
कहीं आप भी एजेंट तो नहीं... पुराने दिनों को लोगबाग याद करते हैं तो क्या बुरा करते हैं. हर गुजरा हुआ पुराना दिन मीठी याद लिए हुए होता है और वो शर्तिया वर्तमान और आने वाले दिनों से ज्यादा अच्छा होता है. अब, बीमा के मामलों को ही ...
स्वाधार चैतन्य ही समाधि है 'ईश्वर है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'आत्मा है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'मृत्यु के बाद जीवन है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'जीवन में कोई अर्थ है?'- हमें ज्ञात नहीं। 'हमें ज्ञात नहीं' यह आज का पूरा जीवन-दर्शन है। इन तीनो...
नर्गिस बनाम बुश मसला विकट सीरियस है। यूं इस मसले पर आपत्ति संजय दत्तजी को करनी चाहिए थी। पर उनकी मान्यता यह है कि खुद को चिरकुटई के इतने कामों में उलझा लो कि जेल जाने की नौबत आ जाये, फिर जेल से रिलीफ मिलने को ही एक [...
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को भूली सरकार विदेशियों के शासन के खिलाफ 1857 में शुरू हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को 150 साल खामोशी के साथ पूरे हो गए। 1857 में भड़की आजादी की पहली लड़ाई के 150 वें वर्ष की शुरूआत में तो कई कार्यक्रमों का आयोजन हु...
पानी की एक बूँद ! चिलचिलाती धूप दूर तलक झिलमिलाते सूखे पेड़ और फैली वीरानियां सूखे तिनके भी तड़प उठते हैं कड़कते ...
मिठास का कानून संस्कृत के खण्डः शब्द की बड़ी व्यापक पहुंच है। इससे मिलती जुलती ध्वनियों वाले कई शब्द द्रविड़ , भारत-ईरानी , सेमेटिक और यूरोपीय भाषाओं में मिलते हैं। क ख ग वर्णक्रम में आनेवाले ऐसे कई शब्द इन तमाम भाष...
आप के दिल में खुशी के, रंग भरना चाहता हूँ. आप के दिल में खुशी के, रंग भरना चाहता हूँ ॥ ज़िंदगी भर आपके मैं, संग रहना चाहता हूँ॥ आकाश में हम कर सकें, मस्ती भरी अठखेलियाँ , पंख बनकर आपके मैं, साथ उड़ना चाहता हूँ॥ निर्मल,अनूठे प्रेम का, रिश्त...
हैंडल द चिल्ड्रन विद `टीपी´ एंड `बीके´ `बचपन के दिन भी क्या दिन थे...´, `बचपन हर गम से बेगाना होता है...´, `नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए...´ `लकड़ी की काठी, काठी का घोड़ा, घोडे़ की दुम पर जो मारा हथौड़ा...´ सरीखे गीत वयस्कों ही नहीं, बड़े...
माँ संवेदना है भावना है
अहसास है
माँ जीवन माँ संवेदना है भावना है अहसास है माँ जीवन के फूलों मे खुशबू का वास है ...
सितारा माओं का सीक्रेट अजेंडा माताओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर मदर टेरेसा या उन तमाम माताओं पर लिखना चाहिए जो अपने खून-पसीने से बच्चों को पालती हैं और उन माताओं को सलाम करना चाहिए जो दूसरों के बच्चों पर प्यार निछावर करती हैं, क्यों...
एक टुकडा फिर सुनहरा हो जाए रोज़ एक दिन गुज़रता है, मेरे सामने से, शीशे के टुकड़े के मानिंद, सालों मैंने कोशिशे की हैं, इनको खुरचने की, निशानियाँ दी हैं, अपने ज़ख्मों की... मुझे लहू-लुहान करते रहे हैं, जब तब मुझे.... एक टुकडा स...
डिस्टलरी की बदबू और कडवी प्रार्थना का दौर रायपुर मे आज रात दस बजे पहली बार डिस्टलरी की बदबू पूरे शहर मे फैली और फिर अब रात एक बजे एक बार फिर सेप्टिंक टैंक जैसी बदबू फैलने लगी है। कूलरो और दूसरे माध्यम से यह घरो के अन्दर तक पहुँच तो जाती है पर फिर निकलत...
हैप्पी मदर्स डे अमेरिका मे आज मातृ दिन है । आप सबको बहुत शुभ कामनाएं । माँ होने के दो महत्वपूर्ण पहलू होते हैं । पहला है बिना शर्त असीम प्यार और दूसरा बच्चे की जरूरतें समझ कर उन्हें पूरा करना और इसके लिये कुछ भी कर ग...
वांगी भात अक्सर विवाह समारोहों में यह व्यंजन बनाया जाता है और खूब चाव से खाया जाता है । घर में भी आप इसे काफी आसानी से बना सकते हैं । पर सुनने के लिये तैयार रहिये कि शादी वाले वांगी-भात का मजा नही आया । नही नही...
विश्वास जब भी तूफान आता है वह पेड़ सिहर उठता है उसे मालूम है कि उसकी जड़ें कितनी अंदर हैं... बरगद नहीं गुजरा कभी ऐसे डर से क्योंकि टहनियों से भी जड़े उसने टाँगी है.. ... ऐसा भी तूफान है जब बरगद भी उखड़ जाता...
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मिलिंद खांडेकर के पिता का निधन इस समय स्टार न्यूज से और उससे पहले आज तक और महानगर और नवभारत टाइम्स से जुडे मिलिंद दक्षिण दिल्ली के सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया में रहते हैं। उनके माता-पिता इंदौर से दो दिन पहले ही आए थे। वो इंदौर में मिल...
हमारा रेफ्रीजिरेटर चोर है! श्रीमती जी को सोने की लत है। रात के ९ बजे नहीं कि वह गड़प! अपन ठहरे निशाचर! रात-रात कम्प्यूटर पर बैठे रहेंगे या कोई किताब पढ़ते रहेंगे. लेकिन बात किताब book या निशाचरी की नहीं है। बात है रेफ्रीजिरेट...
एक पव्वा रम तो है, हरगाम हमन अफ़ोर्ड एक पव्वा रम तो है, हरगाम हमन अफ़ोर्ड पैसे की काहे फिर तुमन दिखलाओ हो तड़ी...
मौन और संगीत क्या होता संगीत मौन में पूछ रहे क्या कोलाहल से। समय ने जो भी घाव दिए हैं कहां धुले हैं वो दृगजल से। अपने मन में हमने हरदम बैर-भाव ही तो पाले हैं। फूट रहे हैं जो इस जग में वो अपने ही तो छाले हैं। देख...
दिल्ली की उदास सी शाम को........... ये आलम के साँस लेने की फुरसत नही किसी को, सब अपने बन कर पराये होते, और फिर से कोई अपना तलाशते....... जिनकी हथेलियों में लकीरें न रहीं, बस चंद टुकड़े हरे कागज़ के, और थोड़े से सिक्के, यूँ भागते के ज़लज़ल...
वृद्धों की सेवा में परमानंद वृद्ध स्वयं भी हैं, औरों के लिये तन-मन-धन से संलग्न हैं वे। ऐसे लोग मिलते कहां हैं जो दूसरों के लिये जीते हों। लेकिन पेशे से चिकित्सक डा. रमाशंकर आज से नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से चिकित्सा समाज सेवा...
मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगर मैं अकेला ही चला था जानिबे मंज़िल मगर लड़कियां हंसती रहीं और चूतिया कटता गया (आशुतोष उपाध्याय को नैनीताल की खचुवाई हुई स्मृतियों के साथ सादर)...
कहानी-२ एक मिनट यार ! रूप सिंह चन्देल “चमन...” आवाज़ गैलरी को लाँघती, दरवाजे को फलाँगती चमन के कानों से टकराई तो मफ़लर से ढंके उसके कान चौकन्ना हो उठे।‘आहूजा आज फिर डांटेगा...कुछ भी नहीं सुनेगा।’ मेज पर तेजी ...
नारद और चिट्ठा जगत के मित्रों,जरा ब्लोगवाणी को चेक करें आज अनिल रघुराज की एक पोस्ट ^एक हिंदुस्तानी की डायरी में^ पर मैंने एक कमेंट लगाई। यह कमेंट दूसरे नंबर पर लगायी थी। अभी शाम को मैं जब ब्लागवाणी चेक कर रहा था तो अनिल रधुराज जी की पोस्ट पर चार कमेंट चमक...
नारद और चिट्ठजगत वालों ज़रा ब्लोगवाणी चेक करें, आज अनिल रघुराज की एक पोस्ट ^एक हिंदुस्तानी की डायरी में^ अनिल रघुराज पर मैंने एक कमेंट लगाई। यह कमेंट दूसरे नंबर पर लगायी थी। अभी शाम को मैं जब ब्लागवाणी चेक कर रहा था तो अनिल रधुराज जी की पोस्ट पर चा...
क्या हो हमारा कर्तव्य ? हम सभी स्त्रियां समूचे नारी वर्ग की चिन्ता में घुली जा रही हैं. जिसे देखो, जहां देखो, एक ही डिस्कशन,नारी जाति का उत्थान कैसे हो? नारी उत्पीडन कैसे बन्द हो? समाज में नारी को बराबरी का हक कैसे दिलाया जा...
१९ अप्रैल के बाद आज बहुत दिनों बाद लिख रहा हूँ । जाने क्यों ऐसा लगता है कि कहीं खो न जाऊ। अब मैं एक भीड़ मे आ गया जहाँ मुझे ख़ुद से संघर्ष ज्यादा करना पड़ रहा है। आपने वे ही अब प्रश्न बन के सामने आ खड़े हो रहे हैं । ...
बिकती जिनदगी किस तरह बदलाव आया है मेरे संसार मेकल जिन््दगी अनमोल थी अब बिक रही बजार मे औरकौन कहता है यहाँ इन््सानियत बिकती नही हर चीज बिकती है यहाँ और आदमी खरीदार हैऔरबस मे हो इन््सान के तो चाँद तारे बेच दे यदि ...
क्या बात है इनकी.............................!!! सेना में करियर बनाइये, दुनिया भर की सैर कीजिये, तरह-तरह के दिलचस्प लोगों से मुलाकात कीजिये, और उन्हें जान से मार डालिए। ------(भाड़े के सैनिकों की भर्ती का एक विज्ञापन) ज्यादातर आदमियों को खुशियाँ क्य...
गगरी न फूटे-चाहे खसम मर जए, बुंदेलखंड में पानी के लिए कोहराम हरिशचंद्र महोबा, मार्च। पानी के लिए समूचे बुंदेलखंड में कोहराम मच गया है। आदमी तो आदमी जनवर भी पानी के लिए संघर्ष पर उतर आए हैं। कुछ दिन पहले ही बंदरों ने धाव बोलकर एक घर में पानी लूट लिया। ये बंदर तब...
एक भैया ने मेरी इज्जत की रक्षा की किसी मराठी ने नहीं। मैं भी ठाकरे हूं लेकिन ठाकरे परिवार को वोट नहीं दूंगी। आमतौर पर व्यक्तिगत तौर पर मैं अपना यात्रा वृतांत नहीं लिखता लेकिन इस बार लिखने को मजबूर हूं। छोटा सा हीं सही पर लिख रहा हूं क्योंकि करोड़ो आबादी से जुड़ा मसला है। मैं शनिवार को तपोवन एक्सप्रेस से नाश...
कौवा की आएगी बारात...पर ज़रा देर लगेगी यार एक हमारे कौवा दोस्त हैं.....दरअसल नाम तो कुछ और है..लेकिन उन्हें हम लोग कौवा कहते हैं...कौवा इसलिए क्योंकि उनका रंग काला है....वैसे मैं कहीं से भी उनके नाम के साथ हुए इस षडयंत्र का हिस्सा नहीं हूं......
खेतों में जहर की फसल - चंद्रमोहन कल्ला जोधपुर. सेहत मंद होने के लिए आजकल लोग जो सब्जियां खा रहे हैं, उनका उत्पादन नीम हकीमी नुस्खों से होने लगा है। कम समय में अधिक पैदावार से मुनाफा कमाने के लिए किसानों में फैले संक्रमण से यह मर्ज लाइलाज ह...
मोर अंधे, हरिणों को गश महावीर सिंह चौहान बीकानेर. पेट की भूख बुझाने के लिए खेतों में खाना तलाशते निरीह वन्य जीव या तो अंधे हो रहे है या फिर गश खाकर गिर रहे हैं। इसका मुख्य कारण खेतों में पैदावार बढ़ाने और फसलों की सुरक्षा क...
कश्मीर में मुठभेड़ ख़त्म, आठ की मौत Good News! भारत प्रशासित कश्मीर के सांबा इलाक़े में सेना के साथ मुठभेड़ मे दो चरमपंथियों समेत आठ लोग मारे गए है. मुठभेड़ में 11 लोग घायल भी हुए हैं. मारे गए लोगों में सेना के दो जवान भी शामिल हैं. डीआ...
बूंद बूंद पानी को तरसता बुंदेलखंड, किसानों पर पानी चोरी का मुकदमा अंबरीश कुमार महोबा। चंदेलों की इस प्राचीन राजधानी महोबा में पानी के लिए जगह-जगह जंग शुरू हो गई है। दो दिन पहले बेला बाजर में पानी विवाद में एक दलित महिला को नंगा कर घुमाया गया। रविवार को पानी को कलेक्...
प्यार का मौसम प्यार का मौसम....कितनी जल्दी बदल गया अभी तो बादल छाया था....अभी बरस कर चला गया। मौसम सा यूं.......कैसे रिश्ता बदल गया पलभर में बिजली चमकी...और आसमां खुल भी गया। एक रंग ही....रात का आलम बदल गया ज...
राजा और किले का किस्सा - शिरीष कुमार मौर्य यह कविता 14 मई 1994 की रात लगभग बौखलाहट में लिखी, जब समाचार में सुना कि उमेश डोभाल के हत्यारे को सी0बी0आई0 की विशेष अदालत ने बाइज्जत बरी कर दिया है। इस कविता के कुछ पोस्टर भी बने और उत्तराखंड के कुछ श...
क्या यही खबर है.............................. ख़बर और ख़बरों की दुनिया, बड़ी निराली है, अद्भुत है, क्यूंकि ख़बरनवीस बड़े ताकतवर होते हैं इनका कोई कुछ नही बिगार सकता है क्योँकी ये पुलिस ,प्रशाशन और सत्ता के बड़े करीबी होते हैं। मगर क्या सचमुच में...
हेमराज जैन हेमराज जैन...
ग़ज़ल नीरज गोस्वामी इंसानियत के वाक़ये दुशवार हो गये ज़ज्बात ही दिल से जुदा सरकार हो गए कब तक रखेंगे हम भला इनको सहेज कर रिश्ते हमारे शाम का अखबार हो गये...
ग़ज़ल प्राण शर्मा नफरत की हर गली से निकलने की बात कर तू प्यार वाली राह पे चलने की बात कर माना की हर तरफ ही अँधेरी है ज़ोर की उसका न कर ख़याल संभलने की बात कर ...
माया महा ठगनी जग जानी अरे भाई मिलेगी से तो काम चलेगा नही जब रोटी पेट मे पहुचेगी तब ही तो तृप्त होगे वैसे तो आजकल हर कोई लम्बी चौड़ी बाते कर देते है हमारे देश मे प्रजा तंत्र जो है बातो मे कुछ खर्च तो होता नही और पापुलर ही ह...
एक मुलाक़ात एक कार्यक्रम के सिलसिले में मुझे उषा राय से मुलाक़ात करने का मौका मिला। जी हाँ वही उषा राय जिनका नाम उन महिला पत्रकारों में शामिल है जिन लोगों ने साठ के दशक में पत्रकारिता में महिलाओं को एक मुक़म्मल ...
हम मदर्स डे को मां दिवस क्यों नहीं कह पाते बात वहीं से शुरू करते हैं जहां सुबह छोड़ी थी। बदलाव एक दोधारी तलवार है। चाहे हमारा अपना जीवन हो, हमारा समाज हो या फिर हमारा देश, हम हमेशा बदलावों को लेकर आशंकित होते हैं, असुरक्षित महसूस करते हैं। रत्...
दर्द हिन्दुस्तानी को Pain हिन्दुस्तानी बनाया आपने सही पढा अब गूगल बाबा हिन्दी से अंग्रेजी अनुवाद जो करने लगे है। गाजर घास और भ्रष्टाचार नामक मेरी हिन्दी कविता का अंग्रेजी शीर्षक दिया गया है Grass and Carrots corruption. इसी मे नीचे दर्द हिन्दुस्...
मदर्स डे पर, मां ने 4 साल के बेटे को चौथी मंजिल से फेंका सुना है कि आज माँ का दिन है, याने कि मदर्स डे! इसी की पूर्व संध्या पर दिल को हिला देने वाली एक घटना में 4 साल के एक बच्चे की मौत उस समय हो गई जब कथित तौर पर उसकी मां ने यहां सैंट्रल मुंबई की एक बिल्ड...
चार धाम (रामेश्वरम्) रामेश्वरम् हिंदुओं का पवित्र तीर्थ है। रामेश्वरम् चेन्नैइ से कोई सवा चार सौ मील दक्षिण-पूरब में है। रामेश्वरम् एक सुन्दर टापू है। हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी इसको चारों ओर से घेरे हुए है। इस हरे-भर...
शादी से पहले और शादी के बाद शादी से पहले..... पतिः देर किस बात की है। पत्नीः क्या तुम चाहते हो मैं चली जाऊँ? पतिः नहीं, ऐसा तो मैं सोच भी नहीं सकता। पत्नीः क्या तुम मुझे प्यार करते हो? पतिः अवश्य! एक नहीं अनेकों बार!! पत्न...
प्रियदर्शनजी, आपने मूल मर्ज़ का ज़िक्र तो किया ही नहीं! प्रियदर्शनजी, क्षेपक ...रही बात साहित्य और ब्लोगिंग की, तो यह पुराना झगड़ा है। एसपी सिंह के ज़माने से भी बहुत पहले आचार्य द्विवेदी के ज़माने में पत्रकारिता और साहित्यकारिता की बहसें चला करती थीं और आच...
चलता चल तो राह मिलेगी ! कौन हुआ है दर्द का सम्बल, कौन हुआ है तेरा अपना, सब सहलायें छाले अपने, गौण हुई दूजे की पीड़ा । रोना है तो खोना है सब, दर्द तुझी को होना है सब, ग़म को पी ले मान के अमृत, ठौर है इसका और कहाँ । नहीं राह पर ...
गर्भाशय भ्रंश(Prolepse of Uterus)बताया गया है, मैं सर्जरी नहीं चाहती... डा.साहब नमस्ते मुझे टैस्ट करने के बाद गर्भाशय भ्रंश यानि Prolepse of Uterus बताया गया है और कहा गया है कि इस बीमारी का सर्जरी के अलावा कोई उपचार नहीं है। मुझे सर्जरी कराने में डर लग रहा है और साथ ही य...
मैं, माँ और मुनव्वर मैने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू,मां ने मुद्दतों नहीं धोया दुपट्टा अपना।- मुनव्वर राणा दरअसल "माँ" पर लिखने को मैने कई बार सोचा। कई बार कलम उठाई। कई कागज खराब किए। मन-मस्तिष्क में उठ रहीं असंख्य ...
असली समाचार की दुनिया ज़ी समाचार चैनल पर श्री सुभाष चंद्र का यह वक्तव्य कि 'ज़ी समाचार' असली समाचार की दुनिया में लौटेगा;भारतीय इलेक्ट्रोनिक समाचार जगत में सुखद बदलाव का संकेत माना जा सकता है । इस वक्तव्य को सुनकर मुझे अपने ...
मां तुझे प्रणाम मां शब्द सुनते ही ऐसा कोई व्यक्ति नही होगा जो खुश न होता होगा। मां जिसने हमें पाल-पोष कर बड़ा किया। ख़ुद कम खाया पर हमारी खुराक में कमी नहीं आने दी। मां शब्द हिन्दी शब्द संसार में सबसे छोटा शब्द है...
‘कुंवारे पति’ को नौकरी दिए जाने का आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय ने Border Security Force (बीएसएफ) की सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बावजूद, कभी ‘अविवाहित जोड़े’ के रूप में एक लड़की के साथ रहने के कारण नौकरी देने से वंचित कर दिए गए एक युवक की याच...
माँ तुम्हारा खत
पुरानी प्रविष्टियां
(यह रचना छात्रावास के दिनों में मैंने लिखी थी और आज भी पढता हूँ तो हर शब्द सामयिक पाता हूँ। तस्वीर मेरी पूजनीय माताजी की है अपनी पोती के साथ...) माँ अब तुम्हारा खत मुझे वो उष्मा नहीं देता जब पहले पह...
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HindiBlogs.Com : एक परिचयभाषा राष्ट्र की वह शक्ति है, जिसके माध्यम से वह आंतरिक संवाद क़ायम करता है। व्यक्ति राष्ट्र की इकाई है और ब्लॉग व्यक्ति की आवाज़ है। इन दोनों का समन्वय ही हिन्दी ब्लॉग जगत् है। “हिन्दीब्लॉग्स डॉट कॉम” इसी हिन्दी ब्लॉग जगत् को समर्पित है। यहाँ पर आप हिन्दी चिट्ठा संसार में हो रही नवीन हलचलों का अनुभव कर सकते हैं और हिन्दी के ब्लॉग्स की नयी प्रविष्टियों को यहाँ पढ़ सकते हैं।HindiBlogs.com को अपने चिट्ठे से जोड़ेंदिया हुआ एचटीएमएल कोड अपने चिट्ठे पर लगाएँ -यह आपके चिट्ठे पर इस प्रकार दिखेगा -
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